तुम मेरे आस पास, नही हो,
तुम कही नही हो.
फिर भी तुम्हारी खुश्बू,
हवओ मे घुली जा रही है.
हवा चलती है जैसे के
तुम कुछ कहे जा रही हो
तुम सामने नही हो,
मगर आँखे तुम्हे ही देखे जा रही है.
ये कसा जुनून है,
ये कसी जादूगरी है
के मैं जानता हूं,
कि ना तुम मेरी हो,
ना मै तुम्हारा
फिर भी आती जाती साँसे
तुम्हारे नाम कि लगती है.
तुम्हे पता हो शायद,
के मै तुम पर इख्तियारि समझता हूं.
तुम्हारी मुझे खबर नही मगर,
तुम अपनी दुनिया मे शायद,
गुम या भूल गयी होगी मुझे,
मेरी तनहाइया भी
तुम्हारे वजूद का एहसास दिला जाती है.
तुम कहाँ हो,
किस जहां मे हो,
जहां भी हो,
कहती है धड़कन तुम मेरी हो,
मेरे साथ हो, मेरे पास हो.
जबकि मैं जानता हूं, तुम नही हो, तुम कही नही हो.
Wednesday, September 17, 2008
Subscribe to:
Comments (Atom)
Popular Posts
-
तीन गांडू एक दूसरे की गान्ड मार रहे थे,अचानक पुलिस का छापा पड़ गया , एक को पुलिस पकड़ कर ले गयी, दूसरा भाग गया और तीसरा यह चुटकुला पढ़ रहा ह...
-
एग्ज़ॅम और सुहाग रात के बाद कामन डाइलॉग- कैसा हुआ.? अच्छा हुआ, थोड़ा बड़ा था थोड़ा छूट गया, आता था पर ठीक से कर नही पया. फिर भी जैसा हुआ ...
-
एक बिहारी महिला चेक भुनाने गई। क्लर्क: हस्ताक्षर कर दो। महिला: कैसे? क्लर्क: जैसे आप पत्र के अंत में लिखते हैं। महिला ने लिखा: " आपके च...
-
रमेश: सुना है लाॅक डाउन में घरेलू हिंसा के मामले ..... काफी बढ़ गये है, तुम्हारे यहां क्या हाल है? सुरेश: हम तो टाइम से बर्तन, झाड़ू, प...
-
lady- बेटा पहली बार घर आये हो कुछ तो लेना ही पडेगा! papu - ठीक है आंटी, लेट जाओ बिस्तर पर Aunty - भोसडी के... दोबारा घर में कदम रखा तो टाग...
-
प्लेटफार्म पर एक औरत को इतनी ज़ोर से हिचकी आयी के उसकी सलवार उतर गयी.. वो मुस्कुराके बोली.. "आज तो याद करने वाले ने हद ही कर दी...