हृदय की कोमल भावनाओ से हरी ने तुझे बनाया
जगदंबा सा स्वरूप दे प्रभु ने तुझे सजाया
चाँद का चेहरा तुझे मे ढाला
शीशे की चुभान को आँखो में उतरा
हिरण की चल तुझ मे डाली
फूलों की हँसी होठों पर खिला दी
हीरे की कठोरता मन मे लाई
पत्तों की कॉमलता दिल में समाई
चाँदी की तन बदन पर छाई
सोने की चमक बालों में आई
कोयल की वाणी से कंठ सजाया
विष का प्याला नयनो में भर आया
डाली तुझमे खरगोश की थेर्थेराहट
और उतरी हवा की सरसराहत
रात की जवानी तुझ में आई
पेडो की कंपन साथ में लाई
नयनो में भर दी पर दुख कतराता
पर मूध नर तुझे समझ ना पाया
बना के दासी तुझे
सदा के लिए घर में क़ैद करवाया
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Popular Posts
-
तीन गांडू एक दूसरे की गान्ड मार रहे थे,अचानक पुलिस का छापा पड़ गया , एक को पुलिस पकड़ कर ले गयी, दूसरा भाग गया और तीसरा यह चुटकुला पढ़ रहा ह...
-
पप्पू interview देने गया Boss : बताओ वो कौन सी चीज़ है जिसके दो टायर होते हैं ...?? . पप्पू : Bike ! . Boss: नहीं HONDA Bike ;) ...
-
एक बिहारी महिला चेक भुनाने गई। क्लर्क: हस्ताक्षर कर दो। महिला: कैसे? क्लर्क: जैसे आप पत्र के अंत में लिखते हैं। महिला ने लिखा: " आपके च...
-
एक सुबह बॉस अपने नियत समय से पहले ही ऑफिस पहुंच गए तो पाया कि मैनेजर उनकी सेक्रेटरी का चुम्बन ले रहा है। बॉस ने उसे डांटते हुए कहा:- क्या ...
-
प्लेटफार्म पर एक औरत को इतनी ज़ोर से हिचकी आयी के उसकी सलवार उतर गयी.. वो मुस्कुराके बोली.. "आज तो याद करने वाले ने हद ही कर दी...
-
एक टीवी रिपोर्टर ने एक जख्मी से पूछा , ' जब बम गिरा तो वो फट गया था क्या ?' जख्मी गुस्से में बोला , ' नहीं ! वो रेंग कर मेरे पास...
No comments:
Post a Comment